सीखकर गयी है वो मोहब्बत मुझसे
जिससे भी करेगी बेमिसाल करेगी
वो बंद करने आये थे नवायफ़ों का कोठा
मगर सिक्को की खनक से खुद ही नाच बैठे
काट के ज़ुबान मेरी कह रहा था वो फ़राज़
अब तुम्हे इज़ाज़त है हाल-ए-दिल सुनाने की
जिससे भी करेगी बेमिसाल करेगी
वो बंद करने आये थे नवायफ़ों का कोठा
मगर सिक्को की खनक से खुद ही नाच बैठे
काट के ज़ुबान मेरी कह रहा था वो फ़राज़
अब तुम्हे इज़ाज़त है हाल-ए-दिल सुनाने की