Wednesday, April 15, 2026

दिल के शब्द

ये एक अजीब सी चीज़ है जो मुझे सौपी जा रही है 
जैसे किसी शेर को बिना दाँत के बना दिया जाए 

इतना पेचीदा है भविष्य, इस संचालन मैं,की क्या बताऊ
देखिये आपकी वसीयत मैं ६ लोग है ,ठीक 
अब मेरी आदत समझिये, आपकी वसीयत की कोई तो मजबूती तो होगी ही न  
उस मजबूती के साथ अगर मैं खेला तो ईस्वर मुझे माफ़ नहीं करेगा 
और देखा जाए तो वो वसीयत बन गयी है 

अब आप बताइये की मेरे पास विकल्प क्या क्या बचा
केवल २ विकल्प 
पहला की मैं ये वसीयत को मान जाऊं 
दूसरा की मैं न मानू
मैंने दूसरा विकल्प चुनने का फैसला किया 

जब मैं उस सम्पति मैं १/६ या २/६ का हिस्सेदार हूँ , तो मुझे १/६ या २/६ का हिस्सा लेना ही नहीं 
न मैं उसको बेच सकता हूँ , किराये को ६ लोंगो मैं वितरित करना एक धार्मिक जरूरत बना दिया है 
तो मैं ऐसे पचड़े मैं हाथ ही क्यों डालूं 

बाकी मेरे और भी मतभेद है 
जैसे की १.५ करोड़ का ऐसे खर्च किया गया जैसे १००-१५० रुपए हो 
भाई मुझसे भी एक बार पूछ लेते , मैं ऐसा पागल भी तो नहीं हूँ 

मुझे अगर १ लाख की कभी जरूरत पड़ी होगी तो मुझे ये सन्देश मिलता था की मेरे पास नहीं है
मुझे इंजीनियरिंग के बाद १ साल तैयाररी करनी थी तो मुझे बताया गया की पैसा नहीं है, 
मेरी और बीटी की इंजीनियरिंग की पढ़ाई ऐसे करवाई गयी की जैसे सीनियर मैनेजर को कुछ मिलता ही नहीं है , अगर ऑडिट मैं न हो होते तो हम लोग पढ़ ही न पाते 


ले दे के ऐसी छवि बनायीं गयी की पैसे आपके पास है ही नहीं 
इसी छवि का नतीजा हुआ की मुझे ५ लाख का लोन अपनी शादी मैं लेना पड़ा ताकि जरूरी चीज़ें बिना सोचे समझे हो सके

पर जब आपने अयोध्या का काम अपने रिश्तेदार के कहने से शुरू करवा दिया , और मुझे पागल की भांति भनक तक न लगने दिया, तो मुझे लगा की पैसा तो आपके पास हमेसा से था परन्तु वो पैसा आपका था ,उसमे मेरा तो कोई हक़ ही नहीं था

अब थोड़ा आगे चलिए 
मैंने सुना है की मेरी माँ एक बार मेरी लड़की से कह रही थी की वो घर केवल तुम्हारा नहीं है, वो हम सबका ही है, जब उस घर के सिलसिले मैं हम अयोध्याजी रहने लगे 
ये जिक्र यहाँ इसलिए की वो घर तो अभी तक अपना स्वरुप भी नहीं लिया, न हमने उससे एक भी रुपया कमाया, तब आप सबका सोचना, ये था 

देखिये, जब घर का काम बीच मैं रुका तब मैं उसको बनवाने की सोचा , उसमे मेरा कोई अपना हित नहीं था, बल्कि अगर आप मेरी अन्तः-स्थिति को समझ सके तो यही होगी की पिताजी का काम शुरू हुआ है तो ख़तम करदूँ , वहां रहने मैं तो मेरा शारीरिक और आर्थिक नुक्सान ही हुआ होगा 
परन्तु माता जी के ये वचन मुझे सोचने पर मजबूर करते है की मैं ,आप और पुरे परिवार मैं विश्वास नहीं जगा सका 
जीवन पर्यन्त मेरी कोई डिमांड भी नहीं रही,परन्तु ये भरोसा , मैं जगा नहीं सका   
और हर महत्वपूर्ण और चुनती पूर्ण समय मैं मुझे अकेला छोड़ दिया गया , 

मेरे जीवन की सबसे चुनौती पूर्ण स्थिति मैं जब मुझे १-२ लाख रुपए नहीं मिलें,
न आप और मम्मी मैं जोखिम लेने का मातदा दिखा,
उस स्थिति को सोच के , ३६-३७ साल पर लगा की चलो पापा तैयार नहीं थे, कोई बात नहीं 
मम्मी को बोलना चाहिए था की मेरा ३-४ तोला सोना बेच के इसको पढ़ने दो,
परन्तु मम्मी ने ये तो बहुत बोला की उनके पास सोना बहुत है, पर वो शायद मेरे लिए नहीं था या मेरे लिए तब था, जब मुझे उसकी जरूरत ही नहीं रहेगी 

यहाँ पर कोई अपने को बेचारा समझे तो मैं उसको बताता चलूँ, 
हमारे किरायेदार के लड़के ने कोचिंग काकादेव से की, और पड़े गोरखपुर से, उनके पापा और गरीब थे
पिताजी के कई रिश्तेदार ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई,प्रयागराज और तमाम जगह से की और उनको स्थिति हमसे ख़राब थी, या हमारे बराबर ही थी, 


ये जीवन है, यहाँ आपका समय तब तक ही है, जब तक आपकी उपयोगिता है,
मेरी उपयोगिता अब समाप्त हो गयी है 

अब अपनी मन के आवेग को विराम देता हूँ 
अब मैं अपनी वसीयत लिख देता हूँ और ये पहली ऐसी वसीयत होगी जिसमे पैसे का कोई लेन-देन नहीं होगा 
देखिये जब तक हूँ इस घर मैं, ठीक है, नहीं जमा तो कहीं और जाके रहूँगा, 
और मुझे आपसे एक पैसा भी नहीं चाहिए, 
आपके पास जो है, वो आप जिसको चाहे, उसको दे दीजिये, या उसके नाम कर दीजिये, 
जैसे वो बिल्डिंग, लखनऊ का घर , गाँव की जमीन, मम्मी का सोना और आपके पास जो भी पैसे हो  
मुझे अपने साथ केवल शिखा के घर से दिए हुए सोना दे दीजिये ताकि वो औरत कुछ पहन सके



एक बात और,मेरा आपसे रिश्ता कोई स्वार्थ का या आर्थिक नहीं था, 
मैं अपनी सांस की आखिरी हवा तक का साथ आपके ही साथ का रहेगा ,
परन्तु समय का चक्र आपको परिपक्व बनाता है , आप सोचते हो , तो आप किसी निष्कर्ष तक पहुँचते हो, ये सब निष्कर्ष मेरे विवेक ने मुझे बताया है 

Monday, April 13, 2026

ऑपरेशन सिन्दूर

  •  ऑपरेशन सिंदूर मै कुछ सरकारी बयान 
  • कुछ नुकसान हुआ है और युद्ध मै नुकसान होना नया नहीं है-भारती 
  • हां ,हमारे जेट गिरे,हमने ४८ घंटे मै जेट को सही किया ,अपनी रणनीति सही की और फिर युद्ध मै उतरे -cds 
  • राजनीति के कारण हमारे जेट गिरे,राजनीतिक नेतृत्व हमारे हाथ बाँधी थी -सिंगापुर मै सेना का अटैची 
  • आदम ज़माने के हथियार से हम युद्ध नहीं जीत सकते ,ड्रोन वगैहरा सबकी कमी है 
  • ऑपरेशन सिंदूर मै पाकिस्तान अकेले नहीं लड़ रहा था, पीछे से चीन पूरा इस युद्ध मै था 
  • एक भी आर्डर समय से पूरा नहीं रहे है ,६-७ साल से आर्डर गया है और आजतक सामना हमारे हाथ मै नहीं आया है 

2014 से भारत का सफर

  • अन्ना आंदोलन 
  • रामदेव का आंदोलन
  • मोदी का प्रधानमंत्री बनना 
  • मुस्लिमों की लिंचिंग की घटना 
  • मोदी द्वारा विदेश की नीति पर भारत को बदनाम करना 
  • प्रधानमंत्री द्वारा मनमोहन सिंह  और अन्य पूर्व प्रधानमंत्री के लिए अपशब्ध बोलना 
  • प्रधानमंत्री का सोनिआ-राहुल के लिए अप-शब्द 
  • प्रधानमंत्री के द्वारा स्वर्गीय राजीव गाँधी के लिए अप शब्द 
  • प्रधानमंत्री के द्वारा मुस्लिमो के लिए अप शब्द 
  • नोटेबंदी किसके लिए किया गया 
  • सरकारी कार्यक्रम बना के चुनाव रैली कर देना 
  • cbi ,ed ,rbi के प्रमुखों का इस्तीफा देना, एक प्रधानमंत्री के कार्यकाल मै 
  • शाहीन बाग़ का आंदोलन 
  • किसान आंदोलन 
  • किसान आंदोलन पर मीडिया का रुख, सरदारों को खुला खालिस्तानी घोषित कर देना 
  • मोदी के गालबाज मंत्री 
  • संसद मै विधूड़ी का बयान 
  • लोकसभा स्पीकरों द्वारा विपक्ष का शोषण करना 
  • मोदी द्वारा अपना धन पोषक मीडिया खड़ा करना 
  • सारे मोदी विरोधी पत्रकारों का इस्तीफा देना और उनका यूट्यूब पर आ जाना 
  • मोदी द्वारा सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश पर चले जाना 
  • मुख्य न्यायधीश का राज्य सदस्य बन जाना 
  • विपक्षी नेताओं का शोषण करना 
  • राहुल गाँधी का बंगला छीन लेना 
  • cbi ed का दुरुपयोग 
  • महाराष्ट्र ,कर्नाटक,बिहार,उत्तराखंड,मध्य-प्रदेश,राजस्थान की सरकार को पलटना 
  • चुनाव आयोग द्वारा मोदी सरकार के आगे नतमस्तक होना 
  • चंडीगढ़ का मेयर चुनाव 
  • पुलवामा के शहीदों पर वोट माँगना 
  • मोदी का बड़बोलापन वाले बयान 
  • मोदी की फ़ैल विदेश नीति 
  • मोदी द्वारा खुद का प्रचार करने पर अताह पैसा खर्च करना 
  • राम मंदिर मै आडवाणी ,जोशी,तोकड़िया को न बुलाना 
  • मोदी का कोविड पर कूप्रभंधन 
  • कोविड के समय देश के इतिहास का सबसे बड़ा पलायन 
  • कोविड मै ओक्सीजन न दे पाना 
  • कोविड के दौरान पश्चिम बंगाल का चुनाव करवा देना 
  • मोदी का मणिपुर को अपने हाल पर छोड़ देना 
  • नेपाल देश के द्वारा आँख दिखाना 
  • मोदी का चीन के सामने नतमस्तक हो जाना 
  • भारत का अपने किसी भी पडोसी के साथ अच्छे सम्बन्ध न होना 
  • अमरीका द्वारा भारत को बल भर गरियाना 

Sunday, April 12, 2026

ईरान-इजराइल/अमरीका युद्ध मैं भारत की चूक

 युद्ध के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता और पुरे परिवार का निधन हो गया | 

और ये युद्ध अमरीका और इजराइल ने शुरू किया था| 


भारत सरकार ने तुरंत खामनेई की मौत का जिक्र तक नहीं किया | बाकी मुल्को ने खामनेई की मौत पर सांत्वना सन्देश भेजा था| 

परन्तु भारत ने अमरीका और इजराइल के दबाव मै एक सन्देश तक नहीं भेजा | 

जब सोनिया गाँधी का अखबार मै एक लेख लिखा और इस तरफ सरकार का ध्यान खींचा , इसके साथ ही विपक्ष ने अतिरिक्त दबाव बनाया, इसके बाद भारत सरकार जागी और अपने एक अधिकारी को ईरान दूतावास भेजा और शोक सन्देश लिखा | इस शोक सन्देश मै भी खामनेई का नाम नहीं लिखा | 


भारत की दूसरी गलती ,ये रही की प्रथम दृष्टया जो युद्ध शुरू करता है, दोषी भी वही रहता है| परन्तु भारत ने ये सच लिखने की भी हिम्मत नहीं जुटाई | भारत को इस युद्ध की शुरुआत करने के लिए इजराइल और अमरीका को दोष देते हुए एक सन्देश भेजना चाहिए था | 

ये हिम्मत भी न दिखाने का कारण भी ,अमरीका और इजराइल का दबाव ही था | 

तो यहाँ तक भारत ने २ गलती कर दी थी ,

  • पहली की खामनेई और परिवार की मौत पर शोक सन्देश न भेजना | 
  • दूसरा की अमरीका/इजराइल का युद्ध शुरू करने का विरोध तक न करना | 
अब भारत सरकार की अन्य गलती बतलाता हूँ ,
जब अमरीका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया , उससे ३६ घंटे पहले मोदी जी इजराइल मै कोई पहली दफा बना हुआ पुरस्कार प्राप्त कर रहे थे | 
इसी दौरान इजराइल की संसद मै मोदी जी ने इजराइल को fatherland बोल दिया | 
किसी से खुश हो जाओ और ऐसा बिछ जाओ, ये बहुत बड़ी कूटनीतिक गलती साबित हुई | 
पूर्व मै सबको याद होगा की ट्रम्प के पहले कार्यकाल मै मोदीजी के द्वारा ट्रम्प का चुनाव प्रचार कर रहे थे और वो चुनाव बिडेन जीत गए | 
फिर पांच साल ,अमरीका ने कई दफा भारत को बेइजत किया 
तो तीसरी गलती रही की मोदी का ३६ घंटे पहले इजराइल जाके,उसको मूक समर्थन देना और ईरान से अपनी दूरी और बड़ा ली | 

भारत की चौथी गलती ये रही की,
जयशंकर और अन्य अधिकारी द्वारा विदेश नीति बनवाना | मुझे ऐसा लगता है की जयशंकर जैसे रोबोट की जगह कोई राजनीतिक आदमी होता तो चीज़ बिलकुल अलग होती | 
इस युद्ध मै भारत को अपना पक्ष दोनों तरफ रखना चाहिए था | भारत को अपना पक्ष ईरान-इजराइल और अमरीका सबकी तरफ रखना चाइये था | 
परन्तु विदेश नीति बनाने वालों को लगा अमरीका/इजराइल ,दो - तीन दिन मै युद्ध खत्म कर देंगे | परन्तु ऐसा नहीं हुआ | 
युद्ध ४० दिन से ज्यादा चल रहा है , हमारे पूर्व मै  ईरान के साथ सम्बन्ध मधुर रहे है | ईरान कई दशकों से ईरान से कच्चा तेल ले रही है और २०१९ तक तेल लेता रहा है | 
पर भारत की सरकार की दक्षिणपंथी नीति , की ईरान एक मुस्लिम राष्ट्र है,इससे हमको दूर रहना चाहिए | 
बाकी गलतियां भारत की रही ,
चौथी गलती रही की पूर्व राजनायिक को विदेश मंत्री बनवा देना | 
पांचवी गलती रही की घरेलु मुस्लिम विरोधी छवि को सुधारने या और पक्का करने के लिए, विदेश नीति बनाना | 
छथि गलती रही की भारत का अत्यधिक अमरीका से भयभीत हो जाना 




भारत कहाँ है?

 भारत कहाँ है?

 

भारत की २०१४ के बाद की नीति पूरी तरह दक्षिणपंथी रही है| उसकी नीतियों पर हिंदुत्व का प्रभाव बड़ी तौर पर दिखता हैं | 

भाजपा सरकार का सीधा लक्ष्य ये होता है की वो किसी भी तरह से इस्लाम पर प्रहार कर सके| 

भाजपा सरकार के इर्दगिर्द एक दक्षिण पंथी बुध्जीवी बैठे है जो उससे इसी दिशा पर राइ देते है |

 इसके कारण भारत एक लकवाग्रस्त राष्ट्र बनता जा रहा है | जब दिशा ही गलत हो तो लक्ष्य प्राप्ति की योजना भी गलत ही बनती है | 

मुसलमान धरम के लोंगो को कट्टरपंथी ,जिहादी, रोहिंगिया,घुसपैठिया ,मियां आदि आदि गाली से दक्षिणपंथी पुकारते है | 

इसी दिशा मैं भारत ने अपनी विदेश नीति मै एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है | 

भारत का इजराइल से बेहिसाब चिपकना सीधे-

सीधे ये दिखता है की उसकी विदेश नीति भी हिंदुत्व की दिशा मै बड़ रही है | 


आप देखिये की नए भारत ने अपनी सारी ऊर्जा अमरीका को खुश करने मै लगा दी हैं | भारत का अमरीका की तरफ का झुकाव का कारण भी पाकिस्तान ही है | 

किसी राजनियक ने भारत की सरकार को ये समझा दिया है की अमरीका-पाकिस्तान मै दूरी लायी जाए ,जिससे अमरीका का झुकाव भारत की तरफ करवा दिया जाए | 

इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भारत सरकार अजीब तरह से अमरीका के सामने झुक गया | ट्रम्प ने 70 बार बहुत बुरा-भलाबोला परन्तु भारत ने भी टिपण्णी नहीं की | 

भारत सरकार ने भारत के स्वाभिमान को गिरवी रख दिया | 140 करोड़ की जनता चुप रहने के अलावा कुछ नहीं कर पायी | 

भारत का झुकना या रेंगना आपको न अमरीका के करीब ला पाए, बल्कि आपको नुक्सान ही कर दिया | 

अंदरूनी राजनीती साधने मै पाकिस्तान सबसे आसान तरीका है | पाकिस्तान को साधते रहो ,और भारतीय अब्दुल टाइट होता रहेगा | 

आज पाकिस्तान अमरीका-इजराइल-ईरान मै मध्यस्थ बन बैठा है | वो ईरान-इजराइल और अमरीका की जंग रुकवा रहा है | अमरीका का उपराष्ट्रपति इस्लामाबाद मै बैठा था| 

जो भारत अपनी तुलना पाकिस्तान से करता है और कहता है की पाकिस्तान मै आटा नहीं है,टमाटर नहीं है,पेट्रोल नहीं है,वही पाकिस्तान आज विश्व की खबरों मै बना हुआ है | 

भारत का विपक्ष,इस्लामाबाद सम्मलेन पर भाजपा को घेरा जाना इसलिए है की भाजपा हमेसा पाकिस्तान को बदनाम करता रहा है | अब विपक्ष चिड़ा रहा है की भाजपा अब बोलो, मोदी ये क्या हो रहा है पाकिस्तान मै | 

भारत का मीडिया कह रहा है की अमरीका का उपराष्ट्रपति जे डी vance की सुरक्षा पाकिस्तान मै खतरे मै है | 

यहीं लाइन सरकार ने दी है मीडिया को, तो अब उनको यहीं बोलना होगा | खैर,बेशर्मी की भी सीमा होती है |

इस मीडिया को ये याद दिलाना चाहिए की जब ट्रम्प ,भारत आये थे, तो CAA NRC दंगे शुरू हो गए थे | ट्रम्प जैसे ही भारत आये थे , तो नई दिल्ली मै दंगे शुरू हो गए और वो दंगे तब तक हुए जब तक ट्रम्प यहाँ थे | पूरा विश्व का मीडिया ये नंगा नाच देख रहा था | जितने दिन ट्रम्प नई दिल्ली मै रहे ,तब तक ये दंगे चलते रहे, और जब ट्रम्प चले गए,तब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने shoot and sight order  दिया और दिल्ली दंगा रुका | 




Tuesday, May 30, 2023

देश का सड़ता अगड़ा समाज

 देश का सड़ता अगड़ा समाज





जब जब भारतवर्ष के काल खंड को याद किया जाए , तो ये सोचिये , ये कैसे हुआ...... 
हम कैसे ग़ुलाम हुए, क्यों ग़ुलामी मै जिए , क्यों हमे गुलामी पसंद आने लगी...... 
कैसे ये अगड़ा समाज हमेशा आगे रहा...... 


अगड़ा समाज हमेशा भक्ति की धारा मै रहने वाला दीखता है |  इस समाज के लोग ज्यादा बड़-चढ़ के अपने धर्म और मान्यताओ का प्रदर्शन करते है | 
साथ ही भारत की जाति व्वयस्था भी अगड़ो को अपने आपको को उच्चता का अनुभव करवाती है | वो हर समय, हर पहर जाती-व्यवस्था के कारण एक अलग लोक का भ्रमण करते रहते है | 
अपने गांव ,पिंड, शहर और नगर मै कई सालो की कड़ी मेहनत से ऐसी व्वयस्था बना दिए है की हर कोई उनको सलाम ठोकता है | 
राज सत्ता के समय वो राजा हुआ करते थे, उन्ही का समाज हर संसाधन पर काबिज रहता था , 
वो जितना चाहते थे, उतना ही सबको वितरित करते थे | 

कई सालो ऐसी व्वयस्था रही जिसमे अगड़े, पिछडो पर पूरी तरह से काबिज थे | 
ज़मीन अगड़ो की , जंगल अगड़ो का , पानी अगड़ो का, गौ वंश अगड़ो का , जानवर अगड़ो का, साधन अगड़ो का , संसाधन अगड़ो का, विद्या अगड़ो की , विद्या अर्जन का हक़ अगड़ो का......

अगड़े एक राजसी व्वस्था का भोग करने के लिए ही भगवन द्वारा पृथ्वी पर भेजे गए हो | 
उनके अंदर एक देवत्वव का भोग आना लाजमी हो गया |
और एक तरह से ये एक भ्रम है और इसमें कई हज़ार साल जीने के कारण उनको इसकी आदत लग गयी है | 

पूर्व के समय मै विद्या का हक़ होने के कारण उन्होंने अपने बच्चो की शिक्षा दी, उनको बोलने चालने काबिल बनाया , 
वे समाज मैं एकदम अलग दीखते थे ,

पैसे होने के कारण उनका पहनावा टिप टॉप रहता है, बाल कडे रहते थे, हाथों की उँगलियों मै अँगूठिया रहती है, कान मै बालियाँ रहती थी, और पैरों को ढकने के लिए अच्छे चप्पल रहते थे , चलते उस समय के वाहन से थे, उनका घर गांव मै सबसे बड़ा रहता था , जीवन यापन के लिए सारी सुख सुविधा रहती थी, खाने के लिए साफ़ और उच्च गुडवत्ता का पौष्टिक खाना रहता था , गांव की पूरी खेती के लिए उपयुक्त भूमि पर कब्ज़ा रहता था | 

पंडित जी , बाउ साहब, ठाकुर साहब के यहाँ काम करने वाले भी उसी गांव के पिछड़े रहते थे ,
जैसे घर का का करने के लिए मेहरीन कोई कुम्हार की बीवी रहती थी , मालकिन का पैर ग्वाले की बीवी दबाती थी , वाहन ,बाग़ बगीचे की सफाई कोई माली करता था | उनकी खेतीहर ज़मीन की बोवाई ,सिंचाई आदि आदि भी गांव के मज़दूर करते थे जो पिछड़े समाज से आते थे | 

गांव का जीवन बहुत संघर्ष से भरा रहता था, परन्तु अगड़े समाज की चिंता पिछड़े की तुलना न के 

Monday, May 29, 2023

महामहिम हमको माफ़ करना


 मई 28,2023  तारिख का अपना नसीब था | 
इस दिन देश अपनी पुरानी संसद की इमारत से निजात पा गया और देश को नया संसद भवन मिल गया | 
दिसंबर 10, 2020 को जब इसका शिलान्यास किया गया तब देश को नहीं पता था की आने वाले दिनों मै कोरोना अपना विकराल रूप धारण कर लगभग १ करोड़ लोगों को काल के मुँह मै धकेलने को तैयार था | 
मार्च 2020  मै कोरोना के कारण देश मै तालाबंदी कर दी गयी थी |  और अगले ३-४ महीने भारत मै सारा कारोबार बंद रहा , भारत के इतिहास की सबसे बड़ा पलायन हुआ , ना जाने कितने लोगों की मृत्यु हो गयी और उसका कारण था की भारत सरकार द्वारा की गयी  तालाबंदी जिसने लोगों से रोज़गार छीना और मजदूरों को घर लौटने पर मज़बूर कर दिया | 

देश ने इतना विषम समय अप्रैल 2020 से अगस्त 2020 तक देखा | 
तालाबंदी के कारण देश का खज़ाना केवल खाली हो रहा था ,उसमे आ कुछ नहीं रहा था | 
देश एक विषम परिस्थिति से गुज़र रहा था |  
देश मै सब बंद था , सरकारें अपना काम सुचारु रूप से कर सके उसके लिए पैसे के स्रोत खोज रही थी और यही वजह थी सब कारोबार बंद था लेकिन शराब का ठेका खुला रहा क्यों की सरकारों को समझ नहीं आ रहा था की सरकारी ख़ज़ाने मै पैसा कहाँ से लाये | 

अगस्त 2020 से 3 महीना गुज़रा और केंद्र सरकार को नयी संसद की जरूरत महसूस होने लगी | 
दिसंबर 10, 2020 को केंद्र सरकार के अगुवा प्रधानमंत्री ने उसका शिलान्यास कर दिया | 

अनुछेद 79 कहता है संघ के लिए एक संसद‌ होगी जो राष्ट्रपति और दो सदनों से मिलकर बनेगी जिनके नाम राज्य सभा और लोकसभा होंगे।
शिलान्यास हुआ तब सारे पुजारी और अतिथि नरेंद्र मोदी मास्क मै दिखे | 
विपक्ष को नहीं बुलाया गया कोरोना का बहाना बनाके |
देश मै अस्पताल , हवाई अड्डा , रेलवे स्टेशन , रेल गाड़ी , विश्वविद्यालय आदि आदि तो कई है परन्तु संसद भवन तो केवल एक ही रहेगा | 

पर उस संसद जो केवल एक रहेगी वहां राष्ट्रपति कोविंद को आमंत्रण नहीं भेजा गया | 

खैर लोकतंत्र के मंदिर मै पिछले छह महीने मैं क्या क्या हुआ उसका भी जिक्र होना जरूरी है उसके उदघाटन से पहले | 

हिंडेनबर्ग संस्था ने एक रपट छापी की अडानी का व्यवसाय मै भ्रष्टाचार भरा हुआ है|  उनके भाई,समधी और परिवार के अन्य लोग टैक्स हेवन देश मै फ़र्ज़ी कंपनी बना के काला धन को सफ़ेद कर रहे है  |

ये मुद्दा राहुल गाँधी ने लपक लिया |
देश के प्रधानमंत्री जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उनकी काफी तस्वीर उपलब्ध है जिसमे वो अडानी के साथ हसी-ठिठोली करते दिख रहे है | साथ ही कहा जाता है की जब मोदीजी प्रधानंत्री के रूप मै चुने गए तब वो गुजरात से दिल्ली अडानी के निजी विमान से आये | 
राहुल गाँधी ने लोक सभा मै एक विस्तृति भाषण दिया जिस मै उन्होंने बताया की मोदीजी अपनी कई विदेश यात्रा मै अडानी को साथ लेके जाते थे ताकि उनका व्यवसाय बढ़ाया जा सके | 

उस भाषण को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद के अभिलेख/पुरालेख से हटा दिया | 
यही वाकया राज्य सभा मै मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ हुआ , उनका भाषण  से भी अडानी शब्द हटा दिया | 

उसके बाद राहुल गाँधी का एक 2019 चुनाव मै दिए हुए भाषण की वजह से 2 साल की सजा हो गयी | उस मानहानि आरोप मै मिली सजाः आज तक के इतिहास मै सबसे कड़ी सजा है |

उसके बाद उस सजा की वजह से सरकार ने आनन् फानन मै उनका सरकारी आवास भी छीन लिया | 
यहाँ ये बताना जरूरी है की लाल कृष्ण अडवाणी , मुरली मनोहर जोशी और ग़ुलाम नबी आज़ाद आज भी अपने संसद आवास मै रह रहे है  और ये तीनो अब सांसद नहीं है | 
इसके बाद संसद का पूरा सत्र टाल दिया गया |

हमने ये भी देखा की राहुल गाँधी ब्रिटेन से वापस लौटे तब भाजपा के संसद उनसे माफ़ी मांगने के लिए संसद को नहीं चलने दिया  | 
मेरे स्मरण मैं ऐसा नहीं आता की सत्ता पक्ष ने कभी संसद को बाधित किया हो | 

ये सब अनैतिक संसदीय कार्य हो रहा था तभी नए संसद भवन का उद्घाटन की तारीख सामने आ गयी | 
लोकसभा अध्यक्ष ने सबको निमंत्रण दिया परन्तु किसी अज्ञात और अनजान संसय के कारण राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति को निमंत्रण  नहीं दिया | 

अतिथि देख के लगा की ओम बिरला ने काफी चिंतन मनन करके उनकी सूची बनायीं थी  | 
सारे भाजपा शाषित प्रदेशो के मुख्यमंत्री , उनका  मंत्री मंडल , भाजपा के सांसद , सारे पूर्वं प्रधानमंत्री , भाजपा के मार्ग दर्शक मंडल के मुरली मनोहर जोशी और साथ ही साथ पूर्व राष्ट्रपति कोविंद जी |

जिस समारोह मै पूर्व राष्ट्रपति मौजूद हो , परन्तु मौजूदा राष्ट्रपति मौजूद नहीं थे |

द्रौपदी मुर्मू जब राष्ट्रपति बनी तब भाजपा के सारे मौजूदा नेता ने खूब प्रचार किया की उन्होंने एक आदिवासी और एक महिला को प्रथम नागरिक बनाया | 
और जब संसद देश को सौंपी गयी तब हमारा राष्ट्रपति गायब था | 
उद्गाटन मै सब था , चमक थी, जश्न था, राष्ट्रपति के भाषण भी पड़ा गया पर खुद राष्ट्रपति नहीं था जो खुद दिल्ली के किसी कोने मै बैठा टीवी पर ये सब तमाशा देख रहा था | 
ये नयी संसद की तारिख याद रहे इसलिए इससे इसको लिखना जरूरी था | 

महामहिम हमको माफ़ करना 

Tuesday, January 17, 2023

Certified Scrum Master

What is SCRUM?

Scrum is taking the problem and breaking into smaller chunks.
A Mechanism to optimize the value delivery system.
Scrum is drive the work in complex environment.
Complex environment is based on two factor, one is what needs to be done and second one is How to do it.
Scrum is a mechanism to guide changes.
Changes in Scrum is derived from two factor, one is effectiveness and another one is efficiency.
Scrum is continuous adaption cycle.
Scrum is a framework to work on complex problem.
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What is Product Backlog?

The team list everything in TO DO list called product backlog.
Product Owner is the single person accountable for maintaining the product backlog.
Low Quality Backlog will lead to low quality final product.
No matter how good technical people,developer and technology you include, a low quality product backlog will lead to misfit final product.
A bad Product Owner will lead to bad Product Backlog and will lead to bad quality final product.
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What is Sprint Planning?

Collectively team select few of the top priority of work from product backlog.
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What is Sprint Backlog?

Sprint Backlog is few of the task that team select from product backlog.
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What is Sprint?

The item of sprint backlog are developed and delivered in a particular time frame called Sprint.
Sprint is heart of SCRUM.Sprint can be maximum period of one month.
The first activity that scrum team does during sprint is sprint planning event which will last for 8 hour for one month sprint.
Afterward, each day, the developer of the scrum team holds a daily scrum meeting and perform development work.
Daily Scrum meeting lasts at most 15 minute
 
At the end of each sprint, product increment is delivered, i.e website is up and running and another new functionality is added after every Sprint.

Team keep running the sprint and refining the product backlog and adding some customer request until the website has all the functionality and customer has no more requirement left or all the budget is exhausted.
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What is Increment?

Increment is vertical delivery.
Increment is outcome of each sprint and it is reviewed during sprint review with scrum team and stakeholders.
Valuable or usable software that is prepared after every sprint is Increment.
During the future sprint , we build or enhance the increment of previous sprint.
So, Increment of past sprint is evolved in next sprint.
We could have multiple increment during each sprint.
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Who are developer?

Developer are the one who transform the idea contained in product backlog into value or usable product.
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Scrum prescribe event and accountability.

Scrum is composed of Five events

1)Sprint
2)Sprint Planning
3)Sprint Review-Inspecting the increment and adapting to product backlog.
Sprint review will last most for 4 hours for one month Sprint.
When Scrum team get along with stakeholder to discuss the product being developed ,including what was developed during the Sprint and its future adaptation.
4)Sprint Retrospective-It is about team continuous improvement.
It is about inspecting the Scrum Team processes and adapting them to deliver them efficiently.
It is about inspecting and adapting the Scrum Team itself.
Scrum team discuss on how to improve the way of working.
It focuses on making the Scrum team more effective.
Sprint Retrospective can go to maximum for 3 hours for one month Sprint.
5)Daily Scrum Meeting-15 minute events that happen daily.

Scrum is composed of three accountability

1)Product Owner-Single person accountable for managing the product backlog.
2)Developer- Who will do the product backlog task
3)Scrum Master-Who facilitate all the work
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How Scrum works?

It starts with product backlog, which is all the work that has to be done and what fulfill the product goal.
Product backlog is maintained by Product owner, who ensure that top items are the most important one.
Afterward, we do a Sprint planning event,Scrum team craft the sprint goal,then developer select the product backlog item to be developed, forming the sprint backlog.

Sprint backlog also contains the increment
Developer conduct daily scrum to synchronize their work
During the sprint, the product backlog item meets the definition of done, an increment is born.
An increment is concrete stepping stone toward product goal.
At end of Sprint, Scrum team conduct two events, i.e Sprint review and Sprint retrospective.

Scrum Master accountable for sprint team effectiveness

This iterative process continues until work is done and it keep filter the product backlog.
 

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TRADITIONAL(WATERFALL) VS AGILE

Waterfall approach is preparing a final plan and executing it.
DISADVANTAGE of this particular approach is in real world it is difficult to predict the end product as technologies are changing very frequently, our initial vision is very different from final one.
Waterfall can lead to a useless product when there is so much uncertainty of what to build and how to build.
Waterfall can be use to build bridge and building

Agile Approach is deliver something close to customer need in short cycle and incorporate the missing or new suggestion in coming cycles.
All the cycle have a fraction part of end product result.
Agile gives us a advantage of adjusting the vision of end product multiple times.
With the new technology changing environment, it is Agile which give us flexibility to see the end product multiple times.
We deliver new version, get our customer to use it , analyze the feedback and adjust again.
AGILE is responding to change.
Scrum is an AGILE framework.

To achieve AGILE framework, we need to be RAPID and LEAN.
Rapid means FAST and Lean is to remove waste
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How Scrum and Agile are connected?

Scrum is a way of implementing agility.
Scrum is build on top of AGILE.
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Concept of Uncertainty

How uncertainty varies with time.
In starting of a product, the uncertainity is very high and it keep on decreasing as the product is toward the final shape.
 
The cone of uncertainty got its name from how we can visualize uncertainty using a 2D Cartesian coordinate system
The Y Axis is for variability in estimates or degree of error.
The more uncertainty involved in estimate , the higher its variability.
The variability can be used to modify our expectation regarding an estimate.

The worst case scenario is calculated by multiplying the estimate by the variability.
The best case scenario is calculated by dividing the estimate by variability.
The uncertainty of a product is due to more volatility,uncertainty, complexity and ambiguity.


 
 






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Scrum Structure

ARTIFACTS
  1. Product Backlog
  2. Sprint Backlog
  3. Increment
 
ACCOUNTABILITY
  1. Product Owner
  2. Developer
  3. Scrum Master
EVENT
  1. Sprint
  2. Sprint Planning
  3. Daily SCRUM
  4. Sprint Review
  5. Sprint Retrospective
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What is Empiricism?

It is also called empirical process control theory.
3 important pillar are
  1. Inspect
  2. Adapt
  3. Transparency-Having a common standard so that all observer share a common understanding of what is being seen.In SCRUM, it is implemented in SPRINT PLANNING, DAILY SCRUM, SPRINT REVIEW and SPRINT RETROSPECTIVE.also, it is implemented in PRODUCT BACKLOG,SPRINT BACKLOG and INCREMENT. There are two important term in Transparency one is READY and other is DONE. Ready comes in place where product backlog items are concerned and Done comes in place where Increment comes into picture.One of the key job of SCRUM MASTER is to detect incomplete transparency by inspecting the artifacts, sensing patterns, listening closely to what it is said, and detecting differences between expected and real result.
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What is SCRUM values?

  1. COMMITMENT
  2. COURAGE
  3. RESPECT
  4. OPENNESS
  5. FOCUS
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Monday, November 28, 2022

GITA 9-26

पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो मे भक्त्या प्रयच्छति |

तदहं भक्त्युपहृतमश्नामि प्रयतात्मन: || 26||


जो कोई भक्त मेरे लिए प्रेम से पत्र, पुष्प, फल, जल आदि अर्पण करता है, उस शुद्धबुद्धि निष्काम प्रेमी भक्त का प्रेमपूर्वक अर्पण किया हुआ वह पत्र-पुष्पादि मैं सगुणरूप से प्रकट होकर प्रीतिसहित खाता हूँ॥26॥

GITA 9-34

मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु ।

मामेवैष्यसि युक्त्वैवमात्मानं मत्परायणः ॥९-३४॥

मन्मना भव मदभक्तों मधाजी मां नमस्कुरु | 
मामे वैष्यसि वुक्त्वैवम आत्मनः मत्परायण || 

मुझमें मन वाला हो, मेरा भक्त बन, मेरा पूजन करने वाला हो, मुझको प्रणाम कर। इस प्रकार आत्मा को मुझमें नियुक्त करके मेरे परायण होकर तू मुझको ही प्राप्त होगा॥34॥

मन्मना भव मदभक्तों मधाजी मां नमस्कुरु | 
मामे वैष्यसि वुक्त्वैवम आत्मनः मत्परायण || 

Sunday, November 20, 2022

GITA 9/22

अनन्याश्र्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते

तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम् || २२ ||


अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते | 
तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम || 


किन्तु जो लोग अनन्यभाव से मेरे दिव्यस्वरूप का ध्यान करते हुए निरन्तर मेरी पूजा करते हैं, उनकी जो आवश्यकताएँ होती हैं, उन्हें मैं पूरा करता हूँ और जो कुछ उनके पास है, उसकी रक्षा करता हूँ |



GITA 2-23

नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावक: |

न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुत: || 23||

इस आत्मा को शस्त्र काट नहीं सकते और न अग्नि इसे जला सकती है जल इसे गीला नहीं कर सकता और वायु इसे सुखा नहीं सकती।।


Sunday, October 2, 2022

सत्संग की जरूरत

पुनरपि जननं पुनरपि मरणं,
पुनरपि जननी जठरे शयनम्।
इह संसारे बहुदुस्तारे,
कृपयाऽपारे पाहि मुरारे॥21॥


संत का मत है की मनुष्य ,भगवान् ब्रह्म की अनुपम कृति, वह इस शरीर रूप मै रह के अध्यात्म के उच्तम स्तर तक पहुंच सकता है | 
जब साधारण मनुष्य का अंत होता है तो वो अपने कर्म अनुसार उसकी आत्मा की नीचे की योनियों मैं प्रवेश मिलता है | उसको पशु,पक्षी, सर्प आदि आदि योनि मैं चला जाता है | 
नीचे की योनियों मैं कष्ट और पीड़ा सेहके उसे पुनः मनुष्य की योनि प्राप्त होती है | मनुष्य शरीर मैं अगर पुनः वो अध्यात्म का अवसर चूक जाता है ,तो उसको पुनः मनुष्य योनि मैं प्रवेश करने मैं बड़ी दिक्कत होती है | 
मनुष्य को सहस्त्र वर्ष लग जाते है मनुष्य योनि मैं लौटते | 


इसीलिए कहाँ गया है की सबसे अच्छा तरीका है इस जन्म -मृत्यु के क्रम से ही वो निकल जाए | उसके लिए सत्संग अपनाने को कहा गया है | अच्छा सत्संग अपनानें मैं उसको एक अच्छे संत या गुरु की जरूरत पड़ती है| आचार्य शंकर ने कहाँ की भगवन बार बार जनम लेके,बार बार मरके ,और बार बार माँ के गर्भ मै आके ,वो बहुत परेशान हो गए है,यह संसार बहुत दुःख दायी है ,हे गोविन्द, कृप्या मुझे इस चक्र से छुटकारा दिलवा दो | मेरी जवान रूपी नाव को ,हे दीनानाथ पार लगा दो | 

संतो का मत है की आत्मा परमात्मा का ही अंश है,
इस मायारुपी दुनिया मै फस जाने के कारण ,इस शरीर पर उस माया का स्थूल या सूक्ष्म आवरण आ जाता है | इस पर्दा आ जाने के कारण, वो इस संसार मैं बहुत परेशान रहता है | 
या पर्दा उसको माया रूपी दुनिया से अलग नहीं होने देता है | इस क्रम मैं वो अपनी असीम शक्ति को खो बैठता है | अतः वो जिस कारण इस मनुष्य शरीर को प्राप्त हुआ, वो लक्ष्य अर्जित नहीं होता है | 

इस परिस्थिति से केवल एक सच्चा गुरु ही आपको निकल सकता है | वो  माया रूपी आवरण को आपके ऊपर से हटा देता है | जो सकती आपके माया रूपी पर्दा मैं दबी हुई है, गुरु उस शक्ति को पुनः जागृत कर देता है | वो आत्मा को परमात्मा के मार्ग तक जाने का रास्ता भी बताता है और अंत मैं आपको परमात्मा से मिला देता है | आप जैसे ही परमात्मा से मिल जाते है, वैसे ही आपको अनन्तः शांति की अनुभूति होती है |