Thursday, March 10, 2022

मेरी राय

लोकनीति-CSDS Post Poll Survey का नतीजा आ गया
शायद सारे सर्वे एजेंसी मै सबसे ज्यादा विश्वस्त यही रहता है
सारी सर्वे एजेंसी एक ही दिशा मै बह रही है और भाजपा को पूर्ण बहुमत से जीता रही है | 
मन निराश है,कुछ समझ नहीं आ रहा है की जनता को क्या हो गया है या मैं अपनी राय जनता पे थोपना चाहता हूँ
खैर उनका आकलन अपनी जगह है
मै नतीजे आने के सात घंटा पहले रात १ बजे बस अपनी राय रखने लायक बचा हूँ और शायद लिख के अपने मन को शांत करता हूँ 
मेरा आकलन है की चार राज्यों मै कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनेगी
मणिपुर , गोवा , पंजाब और उत्तराखंड मै कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी
मेरी राय है की बड़ी पार्टी और सरकार बनाने मै कोई सम्बन्ध नहीं है
रहा सवाल मेरे सबसे प्रिय प्रदेश का
उत्तर प्रदेश मै सपा सबसे बड़ी पार्टी रहेगी
और अगर नहीं रही तो भाजपा को दो सौ से २० सीट ज्यादा नहीं मिलने वाली
मतलब हद से हद 220


मेरी राय कैसे बनी उसके प्रमुख कारण मेरी सीमित समझ से निम्नलिखित है

  1. सत्ता पक्ष के खिलाफ रोष - ये तो होना ही चाहिए
  2. किसान आंदोलन का असर - १ साल से ज्यादा किसान दिल्ली की सीमा पर बैठे रहे
  3. केंद्र के स्तर से बेरोजगारी - भाजपा सरकार केंद्र के स्तर से ही इस समस्या से झुझ रही है
  4. राज्य के स्तर से बेरोजगारी - जहाँ जहाँ भी सरकार सत्ता पक्ष मै है ,बेरोजगारी समस्या तो दिखती ही है
  5. मुसलमानों के ख़िलाफ़ केंद्र द्वारा घृणा का नंगा प्रचार और प्रसार
  6. मुसलमानों के प्रति राज्य सरकार का केंद्र के पद चिन्हो पर चलना
  7. कोरोना प्रबंधन - कोरोना महामारी मै राज्य और केंद्र की नाकामी जो प्रथम दृष्टया सबने देखी
  8. कोरोना के कारण मजदूर वर्ग की घर वापसी
  9. देहात मै छूटा पशु
  10. महंगाई - ये मेरे हिसाब से सबसे बड़े मुद्दों मै से एक है - पेट्रोल ,डीजल , रसोई गैस और खाद्य तेल। डीजल से न केवल भाड़ा बढ़ता है परन्तु किसानी की लागत भी बढ़ जाती है|अगर डीजल महंगा है तो खाद्य सामग्री भी बढ़नी ही बढ़नी है | खेती मै प्रयोग होने वाली खाद्य या यूरिया का महंगा होना|
  11. राज्य स्तर के शीर्ष नेताओ द्वारा लगातार अमर्यादित शब्दो का प्रयोग जैसे अजय बिष्ट द्वारा दिखाया गया अहम् जो उन्होंने इतनी नाकामियों के बाद भी प्रदर्शित किया
  12. राज्य सरकार का एक स्वर्ण जात विशेष के प्रति झुकाव - मेरा मत है की सरकार द्वारा ऐसा प्रदर्शित होने के कारण आप बाकी स्वर्ण समाज मै अपनी छवि धूमिल करते है और साथ मै निचले तबके द्वारा भी अस्वीकार्य हो जाते है
मेरी समझ कहती है जब ऐसे ज्वलंत मुद्दे हो तो विपक्ष को कुछ करने की भी जरूरत नहीं होती है , वहां पे जनता ही अपना बदला या प्रतिशोध ले लेती है|
किसी राज्य की जनता अगर ५ साल लगातार इस दौर से गुजरी हो तो मेरी समझ कहती है की जनता विपक्ष का चेहरा भी नहीं देखती| उसका एक मात्र मकसद होता है सत्ता परिवर्तन|
जाति गत समाज होने के बावजूद उत्तर प्रदेश की जनता ऐसे मुद्दों से लड़ाई कर रही थी|
क्या जातियाँ सब भूल के मतदान करेगी ?????लगता तो नहीं है

मेरी सीमित समझ कहती है की ऐसी ज्वलंत परिस्थिति मै हिन्दू मुसलिम ध्रुवीकरण चल ही नहीं सकता|
मै ये नहीं कह रहा हूँ की हिन्दू मुस्लिम ध्रुवीकरण का वोट नहीं डलेगा पर वो बहुत सीमित होगा|
सीमित का मतलब 2017 के ध्रुवीकरण के मत प्रतिशत से कम होगा | 
ध्रुवीकरण का असर की पूर्णता की भी सीमा होती है और वो स्तर आ चूका था वो बहुत पहले| 
बाबरी मस्जिद के टूटने के बाद भी भाजपा सत्ता मै लौट नहीं पायी थी | 
 
आगे कहना चाहूंगा की ऐसी स्थिति मै लाभार्थी वर्ग का प्रभाव भी सीमित ही रहता है|

साथ मै जोड़ूंगा की जब भाजपा उत्तर प्रदेश की सत्ता मै 2017 मै आयी तब वो सब वर्गों का करीब करीब सब वोट ले लिया था ,मुस्लिम समाज का निकल दे तो|
तो सामान्य समझ कहती है की इतनी मजबूत पार्टी कमज़ोर ही होगी|
अब ५ साल मै ऊपर दिए मुद्दों के कारण क्या वोट की टूटन नहीं होगी?
भाजपा का जो नया मतदाता था वो एकदम नया था, वो कोई समर्पित वोट नहीं था| उसका समर्पण आप अटूट नहीं मान सकते|
वो छिटकेगा ही छिटकेगा|
क्यों छिटकेगा?
ऊपर दिए मुद्दों के कारण

साथ मै भाजपा के करीब करीब १० प्रत्याशियों द्वारा अपने छेत्र मै खदेड़े जाना या माफ़ी माँगना या जनता द्वारा अस्वीकृत होने का रोष खुल के कैमरे पर प्रदर्शित करना आपको एक रुझान तो दीखता ही है की भाजपा कमज़ोर हुई है |
साथ मै एक ये हवा हर तरफ बह रही थी की जनता मै विधायक के खिलाफ रोष था| 

सपा के पक्ष मै जातियों का गुलदस्ता भी उनके लिए मददगार ही होगा |
सपा के पक्ष मै मुसलमानों की एकता पर भी सबका एक मत है | 


2017 मै भाजपा का मत प्रतिशत 41 था और सपा का 29 था | 
आप कहेंगे की सपा का २२ था पर वो नहीं था | क्यों की 22 प्रतिशत का मत 403 विधानसभाओं पर था पर उसने तो केवल 310 पर अपने प्रत्याशी को उतरा था | 

C Voter का opinion poll ने दिखाया की सपा 35 प्रतिशत तक थे और भाजपा 40 पर ही तिकी रही | 
सपा का 35 प्रतिशत 22 से बड़ा | 
पर मेरे हिसाब से सपा तो 29 पर थी | आप को उस हिसाब से 35 प्रतिशत पर 7 प्रतिशत को जोड़ना पड़ेगा | 
चुनाव शुरू होने से पहले सपा 42 पर थी और भाजपा 40 पर थी | 



अब निर्णय आएंगे तो देखना होगा की क्या होता है | 


Tuesday, March 8, 2022

UP Election Survey Courtesy-

भाजपा -189 
अपना दल -8 
निषाद -3 
सपा -159 
रालोद -19 
SBSP -5 
बसपा -8 
कांग्रेस -8 
जनसत्ता दल -२ 
निर्दलीय -1 




Ground Zero Research Survey

 


Wednesday, March 2, 2022

भाई चुनाव कौन जीतेगा

 


उत्तर प्रदेश चुनाव चल रहा है और सबका एक ही सवाल है की जीत कौन रहा है ?????

कोई कहेगा की भाजपा जीत रही है और कोई कहेगा की सपा | 

चुनाव का असली अर्थ है की क्या आप अपने प्रतिनिधि से खुश है की नहीं ?

क्या जो सरकार आपने पिछली दफा चुनी थी वो सही काम कर रही है या नहीं ?

अगर आपको कोई फर्क नहीं पड़ा तो आप वर्तमान सरकार को अपना कीमत वोट दे देंगे और अगर आप के दिमाग मै संदेह है तो आप उसके विपरीत वोट दे देंगे | 

उत्तर प्रदेश आज भी एक जातीगत समाज है