चूँकि मोदीजी को दोबारा बहुमत से सरकार बनाना तय है तो
भयनकर खुशी की लहर दौड़ गयी है भाजपा समर्थको मैं
अब सरकार बनाने के मायने बदल गए है
भारतवर्ष ने १४ प्रधानमंत्री देखे है और लाज़मी है की इन सब ने चुनावी प्रक्रिया पूरी की होंगी
चुने गए होंगे लिखने का तात्पर्य है की पाठक स्वं फ़ैसला ले की कहीं कोई विदेशी ताकत या कोई तंत्र-मंत्र,टोटका से तो फैसला नहीं होता था......
मै कांग्रेसी हूँ तो मेरा कुछ भी बोलना ज्यादा मतलब का नहीं होता है, क्यों मैंने तो अपना ज्यादा समय देश तोड़ने मैं ही लगा दिया
खैर अब मुद्दे पे आते है
गाली-गलौज सब चरम पे है
आप हिंदूवादी भाजपाई हो तो आपको एक जन्म सिद्ध अधिकार है की आप जिस स्तर पे जाके किसी विपक्षी को बुरा भला बोलना चाहे,आप बोल सकते है
कांग्रेस पार्टी ने भी हमको कही का नहीं छोड़ा और हम समर्थको को देश तोड़ने का तमगा दे दिया
आज सुबह के सूरज मैं उजाला पूरा होते हुए भी एक शाम सी है
देश मैं कितनी तरक्की हुई या चुनि हुई क्या सरकार क्या करने वाली है,इसका कोई पैमाना ही नहीं है ,
क्या हमारे यहाँ के बेरोजगार जो की मेहनत करके अपनी शिक्षा पूरी करते है,वो रोजगार पा गए???
क्या देश मैं सबको दो वक़्त की रोटी नसीब हो जाती है ???
क्या किसानों को आराम से उनकी मेहनत का मूल्य मिल जाता है???
क्या हमारी अर्थव्यवस्था इस स्तर पर है की हम दुसरो से आँख मिला सकते है ???
मोदीजी प्रधानमंत्री फिर से बन गए तो आप चुन चुन के विपक्षी लोगो का हाल चाल लीजिये
आप उस समय बात करते समय अपने शब्दों की मर्यादा तोड़ भी सकते है पर अगर सामने वाला गुस्सा हो जाए तो आप चुप-चाप उसपे हाथ भी छोड़ सकते है
आप अब अगले पांच साल कुछ भी कर सकते है और सामने वाला का नसीब तो अब आपको ही लिखना है
विपक्ष का समर्थन करने वाले के परिवार पे आप जब चाहे आ सकते है और उसके सबसे करीबी के लिए आप कुछ भी कह सकते है
समय का खेल है,शायद कुछ ज्यादा समय लग जाए पर अब मन नहीं करता,उदास सा रहता है,डरा सा रहता है की सामने वाले को वोटिंग मशीन ने गाली देने की आज़ादी दे दी
अब हमारा अस्तित्व खतरे मैं है,हम किसी की दया पे जीने वाले है
सत्ता का समर्थन करने वोटर अब नागरिक है और
विपक्षी दोयम दर्ज़े के नागरिक
अब देश मैं आप के वोट के हिसाब से बातचीत की जायेगी,
आप बेबस होंगे तो कोई नहीं,रेहम उनके हिसाब से होगा
आप जन्म से हिन्दू है तो आपको ज्यादा रौंदा जाएगा
यहाँ केवल दो ही लोग रहेंगे,,,,,केवल दो
मोदी समर्थक और मोदी समर्थक
इस माहोल पे एक गीत याद आता है
आप सुनिए और इसकी धुन और लेखनी का आनंद लीजिये
बेबसी दर्द का आलम
तुम मुझे देदो अपने गम
खामोशियाँ भी दो
तन्हाईयाँ भी दो
बेचैनियां भी देदो
देदो ना
https://www.youtube.com/watch?v=5V0AB8cXAmA
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| मोदी और उनके प्यारे वोटर |