काश हम एक हो जाते....
हम भी जीना सीख जाते....
गुरउर भी आपका जायज़ ही था....
यूँही हमे आपसे प्यार थोड़ी न हुआ होगा ...
काश फितरत बदल लिया होता आपने....
हमारे ज़िन्दगी को भी गुलज़ार बना दिया होता आपने....
हमारा निकम्मापन तो देखो....
अपनी ख़ुशी पूरी आपसे करवाने पे लगे थे ...
अच्छा ही किया आपने की हमारे पास नही आये....
हम भी जीना सीख जाते....
गुरउर भी आपका जायज़ ही था....
यूँही हमे आपसे प्यार थोड़ी न हुआ होगा ...
काश फितरत बदल लिया होता आपने....
हमारे ज़िन्दगी को भी गुलज़ार बना दिया होता आपने....
हमारा निकम्मापन तो देखो....
अपनी ख़ुशी पूरी आपसे करवाने पे लगे थे ...
अच्छा ही किया आपने की हमारे पास नही आये....
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