Sunday, October 2, 2022

सद्गुरु की खोज

अगर आपके अंतर मन मै भगवान प्राप्ति का बीज अंकुरित हो गया हैं | 
तो ये भगवान की एक बहुत बड़ी कृपा मानिये | 
भगवान की बहुत बड़ी कृपा होती है तभी आपके अंदर उसको प्राप्त करने की जिज्ञासा बढ़ती है | ये कोई मात्र संयोग नहीं होता है | 
भगवान् प्राप्ति के अनेको उपाय हमारे हिन्दू धर्म की पुस्तकों मै है परन्तु गुरु शिष्य परंपरा का एक अलग ही स्थान है जिसकी गति बाकी सारे उपायों मै सबसे तेज़ बतलायी गयी है | 


गुरु एक पुल की सड़क की तरह होता है जिसका एक छोर मायावी दुनिया मै होता हैं और दूसरा छोर भगवान् से मिलवा देता है | 
मायवी दुनिया मै आप परेशान रहते है | वहां एक अन्धकार होता है | आप उस अन्धकार से प्रकाश की और जाना चाहते है | उसी प्रकाश तक ले जाने मै गुरु आपकी सहायता करता है | 

आपके अंदर अगर गुरु की खोज की लालसा हैं तो इससे आप साधारण प्रक्रिया न समझिये | 
भगवान् ने आपको लाखों लोगों मै से आपको चुना है | 

एक बार आप गुरु के सानिध्य मै आ गए फिर आपको कुछ करने की जरूरत नहीं होती है | आपकी बाकी सारी चिंता गुरु की चिंता हो जाती है | 

अब वो आपका पिता हो जाता है और आपका ख्याल हर क्षण रखता है | 


आप एक सच्चे गुरु से कैसे मिले उसके कुछ संकेत है जो हमारे सत्संग के महापुरषों ने हमें बतलाया है | 

  • जब आपका साक्षात्कार एक सच्चे संत से होता हैं ,तो आप शांति की अनुभूति करते हो | आपको एक अनायास ही आनंद प्राप्त होता हैं | उस व्यक्तित्व के लिए एक आकर्षण होता हैं | 
  • एक सच्चे संत के सानिध्य मै आके आपके मन मै शान्ति और धैर्य जैसे गुण आने लगते हैं | धीरे धीरे सांसारिक वस्तुए जो आपको पहले मोहित करती थी, उनसे आपका दिल लगना काम होने लगता है | आप अपने घर का काम भी करते रहोगे और उसमे कोई विशेष आनंद भी नहीं आएगा | 
  • समय समय पर सच्चे संत आपकी आध्यात्मिक उत्थान हेतु जरूरी सहायता प्रदान करते रहते है | साथ ही मानसिक सत्संग द्वारा निरंतर मार्गदर्शन देते रहते है |  ये एक अनुभव करने योग्य चीज़ है जिसके लिखित मै समझा पाना अंसम्भव है | 
  • आप देखेंगे की सच्चे संत का व्यवहार सबके साथ, चाहे वो उनका पारिवारिक सदस्य हो, या उनका साधक हो,सबके साथ नम्र और विनीत होगा 
  • एक सच्चा संत आपको हमेसा यही परामर्श और शिक्षा देता है की आपको एक सादा और शुद्ध जीवन व्यतीत करना चाहिए | आपको साथ ही ये भी वो शिक्षा देगा की मादक वस्तुओं से दुरी बनाये रखो | 
  • एक सच्चा संत आपको परमात्मा के प्रेम की ऊपर बढ़ने के आतंरिक मार्ग की शिक्षा देता है | 
  • एक सच्चे संत को आपके धन अथवा किसी प्रकार  से लेना देना नहीं होता | इनकी दैनिक दिनचर्चा की पूर्ति प्रकृति द्वारा स्वतः ही हो जाती है | 
  • एक सच्चा संत आपको सांसारिक द्वयत्व एवं अपने माता,पिता ,परिवार ,समाज एवं`संसार की अवहेलना करने को कभी नहीं कहेगा | वो आपको संसार से अलगाव या सन्यास के लिए कभी भी प्रोत्साहित नहीं करेगा |

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