Monday, November 28, 2022

GITA 9-34

मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु ।

मामेवैष्यसि युक्त्वैवमात्मानं मत्परायणः ॥९-३४॥

मन्मना भव मदभक्तों मधाजी मां नमस्कुरु | 
मामे वैष्यसि वुक्त्वैवम आत्मनः मत्परायण || 

मुझमें मन वाला हो, मेरा भक्त बन, मेरा पूजन करने वाला हो, मुझको प्रणाम कर। इस प्रकार आत्मा को मुझमें नियुक्त करके मेरे परायण होकर तू मुझको ही प्राप्त होगा॥34॥

मन्मना भव मदभक्तों मधाजी मां नमस्कुरु | 
मामे वैष्यसि वुक्त्वैवम आत्मनः मत्परायण || 

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