Sunday, November 20, 2022

GITA 9/22

अनन्याश्र्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते

तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम् || २२ ||


अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते | 
तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम || 


किन्तु जो लोग अनन्यभाव से मेरे दिव्यस्वरूप का ध्यान करते हुए निरन्तर मेरी पूजा करते हैं, उनकी जो आवश्यकताएँ होती हैं, उन्हें मैं पूरा करता हूँ और जो कुछ उनके पास है, उसकी रक्षा करता हूँ |



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