भारत कहाँ है?
भारत की २०१४ के बाद की नीति पूरी तरह दक्षिणपंथी रही है| उसकी नीतियों पर हिंदुत्व का प्रभाव बड़ी तौर पर दिखता हैं |
भाजपा सरकार का सीधा लक्ष्य ये होता है की वो किसी भी तरह से इस्लाम पर प्रहार कर सके|
भाजपा सरकार के इर्दगिर्द एक दक्षिण पंथी बुध्जीवी बैठे है जो उससे इसी दिशा पर राइ देते है |
इसके कारण भारत एक लकवाग्रस्त राष्ट्र बनता जा रहा है | जब दिशा ही गलत हो तो लक्ष्य प्राप्ति की योजना भी गलत ही बनती है |
मुसलमान धरम के लोंगो को कट्टरपंथी ,जिहादी, रोहिंगिया,घुसपैठिया ,मियां आदि आदि गाली से दक्षिणपंथी पुकारते है |
इसी दिशा मैं भारत ने अपनी विदेश नीति मै एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है |
भारत का इजराइल से बेहिसाब चिपकना सीधे-
सीधे ये दिखता है की उसकी विदेश नीति भी हिंदुत्व की दिशा मै बड़ रही है |
आप देखिये की नए भारत ने अपनी सारी ऊर्जा अमरीका को खुश करने मै लगा दी हैं | भारत का अमरीका की तरफ का झुकाव का कारण भी पाकिस्तान ही है |
किसी राजनियक ने भारत की सरकार को ये समझा दिया है की अमरीका-पाकिस्तान मै दूरी लायी जाए ,जिससे अमरीका का झुकाव भारत की तरफ करवा दिया जाए |
इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भारत सरकार अजीब तरह से अमरीका के सामने झुक गया | ट्रम्प ने 70 बार बहुत बुरा-भलाबोला परन्तु भारत ने भी टिपण्णी नहीं की |
भारत सरकार ने भारत के स्वाभिमान को गिरवी रख दिया | 140 करोड़ की जनता चुप रहने के अलावा कुछ नहीं कर पायी |
भारत का झुकना या रेंगना आपको न अमरीका के करीब ला पाए, बल्कि आपको नुक्सान ही कर दिया |
अंदरूनी राजनीती साधने मै पाकिस्तान सबसे आसान तरीका है | पाकिस्तान को साधते रहो ,और भारतीय अब्दुल टाइट होता रहेगा |
आज पाकिस्तान अमरीका-इजराइल-ईरान मै मध्यस्थ बन बैठा है | वो ईरान-इजराइल और अमरीका की जंग रुकवा रहा है | अमरीका का उपराष्ट्रपति इस्लामाबाद मै बैठा था|
जो भारत अपनी तुलना पाकिस्तान से करता है और कहता है की पाकिस्तान मै आटा नहीं है,टमाटर नहीं है,पेट्रोल नहीं है,वही पाकिस्तान आज विश्व की खबरों मै बना हुआ है |
भारत का विपक्ष,इस्लामाबाद सम्मलेन पर भाजपा को घेरा जाना इसलिए है की भाजपा हमेसा पाकिस्तान को बदनाम करता रहा है | अब विपक्ष चिड़ा रहा है की भाजपा अब बोलो, मोदी ये क्या हो रहा है पाकिस्तान मै |
भारत का मीडिया कह रहा है की अमरीका का उपराष्ट्रपति जे डी vance की सुरक्षा पाकिस्तान मै खतरे मै है |
यहीं लाइन सरकार ने दी है मीडिया को, तो अब उनको यहीं बोलना होगा | खैर,बेशर्मी की भी सीमा होती है |
इस मीडिया को ये याद दिलाना चाहिए की जब ट्रम्प ,भारत आये थे, तो CAA NRC दंगे शुरू हो गए थे | ट्रम्प जैसे ही भारत आये थे , तो नई दिल्ली मै दंगे शुरू हो गए और वो दंगे तब तक हुए जब तक ट्रम्प यहाँ थे | पूरा विश्व का मीडिया ये नंगा नाच देख रहा था | जितने दिन ट्रम्प नई दिल्ली मै रहे ,तब तक ये दंगे चलते रहे, और जब ट्रम्प चले गए,तब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने shoot and sight order दिया और दिल्ली दंगा रुका |
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