Thursday, March 12, 2020

गीता 14:4

सर्वयोनिषु कौन्तेय मूर्तय: सम्भवन्ति या: ।
तासां ब्रह्म महद्योनिरहं बीजप्रद: पिता ॥ ४ ॥

हे कुंती पुत्र अर्जुन समस्त योनियों मैं जन्म लेने वाले व्यक्ति को जन्म भले एक माँ देती हैं परन्तु उसके गर्भ मैं उस शिशु का बीज रखने वाला पिता तो मैं ही हूँ 

No comments:

Post a Comment