जब अपने आप को भूल के , सब कुछ छोड़ चाड के कांग्रेस को पुनर्जीवित करने पे लग जाना चाहिए था
ये ऊपर वाले नाम ने अपना क़र्ज़ चुकाना जरूरी नहीं समझा
कांग्रेस अपने इतिहास के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है
वो जो-जो दांव लगाती है, वो सब गलत चले जाते है
कई बार वो दांव उल्टा भी साबित होता है
कांग्रेस आज की तिथि मै केवल २ राज्य मै मौजूद है
जब मै कांग्रेस को देखता हूँ तो लगता है की कांग्रेस की चिंता केवल इस समय उसके निष्ठावान मतदाता को है या गाँधी परिवार के सदस्यों को है
बाकी तो मुझे कोई दिखता ही नहीं है
ऐसी दयनीय स्थिति बहुत दुःख देती है
सारे पुराने कांग्रेसी मलाई तो खा लिए जब कांग्रेस का डंका बजता था
आज जरूरत थी की आप अपनी माँ रूपी पार्टी का दूध का क़र्ज़ चूका देते
लेकिन ये सब नेता ने ऐसा दानव रूपी चेहरा दिखाया की लगता ही नहीं ये सब भारतीय ही नहीं है
आप को जो करना था वो बहुत ही सामान्य समझ का आदमी भी जान सकता था
ये जो आज हो रहा है ये देश के साथ क्रूरता है
सबसे बड़ी धोखा धड़ी है
देश की विपक्षी एकता क्रूरता है
शर्म आनी चाहिए अशोक गेहलोत को
जिस जिस को भी उम्मीद रहती है की देश मै शायद लोकतंत्र बच जाए ,शायद ये एक उम्मीद की किरण है
तब तब
कोई न कोई
कांग्रेसी नेता आता है और कांग्रेस द्वारा अर्जित यश का छीछा लेदर करके चला जाता है
शर्म आनी चाहिए इन सारे वयो वृद्धा कांग्रेसी को
नमक हराम का मतलब चाहे कुछ भी होता हो
परन्तु अगर कोई इंसान नमक हराम है तो ये कांग्रेसी है
ये भाजपा के बिना वेतन दिए दलाल है जो देश को आज की स्थिति मै भाजपा के साथ पंहुचा दिए है
कितने महीने का संघर्ष रहेगा ये राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा,
कितने स्वंसेवक रात दिन लगे रहते है की ये यात्रा चलती रहे,
कितनी लोगों की दुआएँ लगी रहती होंगी की ये यात्रा सफल हो जाए,
राहुल गाँधी और कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता जिनको कुछ न मिला , वो सब राहुल गाँधी के साथ है
ये यात्रा केवल कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए नहीं है, ये एक तरह से देश को फिर से पुनर्जीवित करना था
परन्तु ,अशोक गेहलोत और सचिन पायलट ने पुरे विपक्ष और विपक्ष के वोटर को निराश कर दिया है
अंत्यंत शर्मनाक आदमी निकला अशोक गेहलोत
इसको विशुद्ध नमक हरामी के अलावा कुछ नहीं है
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